Kisi company ka stock lene se pehle kya chake kare

1. किसी कम्पनी का स्टॉक लेने से पहले क्या क्या चेक करे

नमस्कार दोस्तों मैं आप सभी का इस आर्टिकल में स्वागत करता हूं तो चलिए आज हम बात करते हैं की किसी भी कंपनी में निवेश करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और उस कंपनी के बारे में कौन-कौन से चीजों को ध्यान देना चाहिए आज हम इसी के बारे में अध्ययन करेंगे। जब हम कहीं शेयर मार्केट के बारे में सुनते हैं या फिर कहीं देखते हैं यूट्यूब वीडियो या अन्य जगह तो पहले तो हमें यह समझ नहीं आता कि यह है क्या अगर आपको शेयर मार्केट के बारे में जानना चाहते हो तो आप किसी भी साइट पर दूसरे पोस्ट में जाकर देख सकते हैं वैसे तो अगर आप यह सर्च किए हैं कि किसी भी कंपनी में निवेश कैसे करें तो आपको शेयर मार्केट के बारे में कुछ ना कुछ जानते ही होंगे अगर और अच्छे से जानना चाहते हैं तो आप पोस्ट में ज्यादा जान सकते हैं तो चलिए अब हम इस मुद्दे पर आते हैं कि जब हम शेयर के बाद मार्केट के बारे में थोड़ा बहुत जान जाते हैं। तब बात आती है कि इन्वेस्ट कैसे करें क्योंकि इस शेयर मार्केट में बहुत से लोग ऐसे हैं जो कुछ पैसे से इन्वेस्ट करके करोड़पति अरबपति बन जाते हैं और बहुत से लोग ऐसे हैं जो इसी से मार्केट में इन्वेस्ट करके कंगाल बन जाते हैं। तो इस शेयर मार्केट में रिक्स बहुत ही ज्यादा है। अगर आप रिस्क लेना जानते हैं। तो यह मार्केट आपके लिए बहुत अच्छा है आपको बहुत ऊपर तक भी ले जा सकता है। आपने ऐसा सुना होगा कि इन्वेस्ट इनकी बहुत तगड़ी होनी चाहिए हां आपको ऐसे ऐसे कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहिए कि वह कंपनी आपको ढेर सारे रिटर्न दे जिससे आपकी प्रॉफिट बन सके। तो चलिए अब हम जानते हैं कि किन आधार पर हमको इन्वेस्ट करना चाहिए हम कुछ तथ्य को जानने का प्रयास करते हैं तो ऐसे में आप लाइन टू लाइन बने रहिए अन्यथा आपको जानकारी समझ में नहीं आएगी और आप इन्वेस्ट करते समय गलती कर बैठेंगे और हो सकता है । आपको घाटा हो जाए और यह भी हो सकता है आपको फायदा हो जाए तो यह दोनों बातें शेयर मार्केट में कमान है । क्योंकि हर्षद मेहता ने कहा था रिस्क है तो इश्क है। और वही अमेरिका के वारेन बफेट का कहना है। किसी भी कंपनी में इन्वेस्ट करने से पहले रिसर्च कर ले तो रिक्स बहुत कम है तो इन्हीं बातों का हम ध्यान रखते हैं। और अन्य जानकारियों को जानते हैं।

किसी भी कंपनी के स्टाफ को चुनने के लिए हमको फंडामेंटल एनालिसिस के जरिए जिस शेयर को चुनना है। उस शेयर के साथ अपनी शर्ते add करना शुरु करते हैं।
हम जिस share को चुनते हैं। तो सबसे पहले उस शेयर के कंपनी को देखना चाहिए उस कंपनी में आपको यह देखना है कि वह कंपनी निवेश करने योग्य हैं। कि नहीं फिर उसके बाद आपको अपनी शर्तों को ऐड करना है। अगर जो भी शर्तों रखते हैं वह कंपनी आपकी शर्तों को पूरा करती है तो उस कंपनी में आपके लिए निवेश करने योग्य है। और वहां पर आपको प्रॉफिट मिल सकती हैं।

  तो सबसे जरूरी बात होती है की किसी भी कंपनी निवेश करने से पहले हमें यह जान लेनी चाहिए कि निवेश करने के लिए कौन सी कंपनी योग्य है? आपको एक बात जरूर बता देना चाहता हूं कि जब आप निवेश करने लगे तो  कहीं से अगर आप जानकारी प्राप्त करते हैं उसके बाद भी आप निवेश करने से पहले खुद ही सर्च करें तभी आप शेयर बाजार में प्रॉफिट कमा सकते हो। क्योंकि जब हम निवेश करते हैं तो हमारी शर्तें कुछ और होते हैं और आप की शर्ते कुछ और होते हैं। जिन कंपनियों में हम निवेश करना चाहते हैं हो सकता है वह कंपनी आपको निवेश करने योग्य ना लगे। जैसे कि हम उदाहरण दें कि हम उस कंपनी पर ध्यान देते हैं या फिर निवेश करने का ज्यादा चांस हमारा होता है कि उस कंपनी पर कर्ज बहुत कम हो। इसके अलावा दूसरे निवेशक कर्ज पर ना ध्यान देकर किसी और चीजों पर ध्यान देते हैं। जैसा कि हर कंपनी कर्ज में हो और अच्छी रिटर्न दे रही है। तो निवेशक कर्ज को नजरअंदाज कर देते हैं और उन्हें यह लगता है हर किसी कंपनी में कोई ना कोई दिक्कत तो होती ही है। और वे निवेशक उस कंपनी के अच्छे चीजों पर ध्यान देकर उसमें निवेश कर लेते हैं।
इन सभी बातों का अर्थ यह निकलता है कि कोई भी शेयर मैं निवेश करने के लिए कोई एक सर्च नहीं होते। अलग-अलग निवेशकों का अलग-अलग विचार और अलग-अलग शर्त होते हैं और इसके अलावा अलग अलग अपनी रणनीति होती है। कोई भी निवेशक हो वह अपने शेयर को अपने शर्तों के अनुसार सुनता है और उस शहर में निवेश करने के लिए उन्हें अपने रणनीति के अनुसार तय करना होता है। किंतु ने इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि जो भी वह रणनीति उपयोग कर रहे हैं वह किसी तर्क पर आधारित होनी चाहिए। वैसे तो आप अभी मार्केट में नए है। मेरा मतलब है कि न इन्वेस्टर है तू अभी आप सीख रहे हैं अभी आपको कोई भी मार्केट में निवेश करने का अनुभव प्राप्त नहीं है तो ऐसे में आप को इस आर्टिकल में आपको मैं बताऊंगा कुछ अपने निवेश करने मैं शर्तों के बारे में अगर इन शर्तों मे से आपको कोई भी शर्त पसंद आए तो उसे आप फॉलो कर सकते हैं। और उन्हें के आधार पर धीरे-धीरे आप यूज करने लगेंगे तो आपको अनुभव के साथ-साथ अपनी अलग और अच्छी शर्तों को बना सकेंगे।

स्टॉक चुनने के शुरूआती तरीके

तो चलिए अब हम जानते हैं जी किसी भी स्टाफ चुनने के लिए उसके शुरुआती तरीका क्या-क्या होते हैं उसके बारे में सीखते हैं। तो हम सबसे पहले किसी भी शेयर में निवेश करने के पहले अपने शर्तों का एक लिस्ट बनाएंगे। इन सभी के पहले आपको कुछ अन्य जरूरी बातों पर ध्यान देना होगा। जब हम पहली बार किसी शेयर को चुनने के लिए जाते हैं तो हमें समझ में नहीं आता कि हम कौन से स्टॉक को चुने। तो ऐसे में आप ऐसा कर सकते हैं कि ऐसे कौन सा स्टॉप है जो आपको पसंद आ रहे हैं। और आप उसके बारे में पहले से जानते हैं जैसे वह कोई पापुलर कंपनी हो या फिर आपके रोजमर्रा की जिंदगी में उस कंपनी का प्रोडक्ट को यूज कर रहे हैं। जब आपको ऐसी शेयर मिल जाते हैं तो जो आप अपने शर्तों को बनाए हुए हैं तब उस शेयर को देखना चाहिए अगर आपकी शर्तों को वह शेयर मैं ऐड करते हैं और आपको सही लगता है तो उस शेयर मैं आप निवेश कर सकते हैं। और अगर जो भी शेयर आपने चुना है । और उस शेयर में अपना शर्त को अप्लाई करते हैं। अगर आपका शर्त उस शेयर में लागू नहीं हो रहा है। तो आप किसी दूसरे शेयर  की खोज में लग जाए और फिर आपको कोई शेयर मिलता है। तो उसमें अपना शर्त को अप्लाई करें।

अगर हम पहली बार निवेश करने जा रहे हैं तो मन में सवाल आता है कि हम किसी भी stock को किस तरीके से या फिर कैसे चुने। अगर आप अभी निवेश के बारे में नहीं जानते हैं और आपको कह दिया जाए चुनने के लिए तो आप कर सकते हैं कि जो हमें स्टॉक पसंद है हम उसे हे चुनेंगे। क्योंकि आपको कोई भी अभी शर्त पता नहीं है तो चलिए हम जानते हैं किन किन शर्तों से स्टॉक को जांच ना चाहिए।

1. तो चलिए अब हम पहले तरीके को जानते हैं। तू सबसे पहला तरीका है जनरल ऑब्जरवेशन इसका मतलब है की आर्थिक गतिविधि वैसे आपने आर्थिक के बारे में पहले से ही जानते ही होंगे। आर्थिक गतिविधि आपने कई बार सुना होगा और आपको लग रहा होगा कि यह बहुत साधारण यह कोई साधारण तरीका है पर मैं आपको बता देना चाहता हूं कि यह बहुत ही जरूरी तरीका है यह आपको अपने शेयर को चुनने में आपकी बहुत सहायता करेंगे। आपको अपने मोबाइल के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों पर नजर हमेशा बनाए रखिएगा और अपने दिमाग से काम लीजिएगा। आपको देखना है यह है कि शेयर बाजार में कौन सी चीजें ज्यादा खरीदी जा रही हैं और बेची जा रही है। लोगों में कौन सी कंपनी के प्रोडक्ट की मांग है। तो उस हिसाब से उस कंपनी के शेयर बहुत ही ज्यादा खरीदा जाना चाहिए। इसके अलावा अगर आपके आसपास और भी निवेशक रहते हैं तो उनको बातें सुनना चाहिए कि वह लोग किस शेयर के बारे में बात कर रहे हैं। क्योंकि अमेरिका में अमेरिकी शेयर बाजार के माने जाने निवेशक पीटर  लिंच के अनुसार उन्होंने अपने किताब में लिखा है यह बातें जो हमने आपको ऊपर बताई है। अगर आप उनकी किताब के बारे में जानना चाहते हैं तो उस किताब का नाम( वन अप आन वॉल स्ट्रीट) यह तरीका बहुत से लोगों द्वारा यूज किया जाता है और हर जगह भी चर्चा होती है। हमने भी इस तरीका कोई यूज़ करता हूं। जब हमें कोई स्टॉक को खरीदना होता है तो मैं इसका इस्तेमाल करता हूं।(जैसा कि अगर कोई भी शेयर आते आसपास के लोग द्वारा या फ़िर बाजार में कोई भी शेयर डिमांड एंड सप्लाई मतलब की ज्यादा डिमांड है। इसके और खरीदा जा रहा है तो इस तरीका का इस्तेमाल जरुर करना चाहिए) जैसा कि अगर हम इस समय की बात करे तो
मार्च 2022 में फिर समय आपको रुसी और यूक्रेन  का युध्द चल रहा है। तो इस समय सबसे ज्यादा कच्चा तेल सबसे ज्यादा डिमांड होगी। और जिस कीमत भी बहुत तेज़ी से बढ़ती चली जा रही है। तो इस समय हम को इस तरीका का उपयोग करना चाहिए इसमें  पहले से ही देना चाहिए था तो हमें बहुत ही ज्यादा प्रॉफिट होता। ऐसे ही मौका तलाश करना चाहिए।

 

2. स्टॉक स्क्रीनर (Stock Screener)

स्टॉक स्क्रीनर यह तरीका भी किसी भी स्टाफ को चुनने में आपकी बहुत  सहायता करेगी। तो चली इसके बारे में जान देते हैं कि यह आपकी किसी भी stock को चुनने में कैसी मदद करेंगे। स्टॉक स्क्रीनर यह एक छननी के की तरह काम करेगी ऐसा आप मान सकते हैं। जैसे आपने बहुत सारे stock को चुना है। पर  इन सभी stock में से आप कुछ बेहतर stock निकालना चाहते हैं। इसके लिए आपको इसकी ज़रूरत पड़ेगी और बेहतर stock निकालने के लिए आप इसका उपयोग कर सकते हैं। इस तरीके से आप अच्छे-अच्छे स्टॉक को अपने लिए चुन सकता है। चलिए अब हम आपको स्टॉक स्क्रीनर का उदाहरण देते हैं। जैसे आपने एक शर्त पर अपना स्टॉक इसकी नियर बनाया है कि किसी भी स्टॉक को लेने के लिए हमको stock का reo 26% और pat 21% इससे ज्यादा हो ना कि कम। इसी तरीके का उपयोग करके आप बहुत से स्टॉक में से कुछ अच्छे स्टॉक चुन सकते हैं। इसे यूज करने के लिए आपको बहुत सारे स्टॉक स्क्रीनर मिल जाएंगे पर अगर आप हम से पूछेंगे कि आप कौन सा यूज करता है या फिर मैं आपको यही सलाह दूंगा कि आप गूगल फाइनेंस का स्टॉक स्क्रीनर यूज कर सकते हैं अगर आपका मन हो तो नहीं तो आप कोई और यूज कर सकते हैं।

3.सेक्टर के ट्रेंड का तरीका से

चलिए अब हम सेक्टर के ट्रेंड का तरीकों को जानते हैं। इस काम किस तरीके से स्टॉक को चुनते समय इसका इस्तमाल कैसे कर सकते हैं इसके बारे में जानते हैं। सबसे पहले आपको उस सेक्टर को पहचानना है जहां पर नए आने वाले समय में या फिर वर्तमान समय में थोड़ी बहुत चलन दिखाई दे रही है। अगर आपने या पता लगा लिया  है। की कोशिश कर इसमें चल रहे है तो अब आपको उस सेक्टर में सभी कंपनियों को देखेंगे अब आपको इन सभी कंपनी मे से उस कंपनी को देखना है जो कंपनी इस समय उस चलन या ट्रेंड का फायदा उठा रहे है। चली हम आपको एक उदारण देते हैं अगर आप इस समय की बात करते हैं मार्च 2022 की बात बताते हैं आपको आप देखी सकते हैं कि अभी रुस और यूक्रेन की लड़ाई चल रही है। इस समय मार्केट थोड़ा down हुआ है। पर जब यह लड़ाई खत्म हो जाएगी।  इससे पहले भी अपनी देखा होगा थी इसमें इलेक्ट्रिक वाहन पर जोर दिया जा रहा है। यह बहुत ही जल्दी का ट्रेंड है। 2020 – 21 से ट्रेंड में है। और आगे भी रहेगा। किसी आप जानते हे हैं कि पेट्रोल और डीजल और गैस प्रकृति ईंधन है जो कि कभी न तो भी खत्म  हो जाएंगे इसलिए कंपनियां आगे से भविष्य जान चुकी है कि आगे का समय इलेक्ट्रिक का है। इलेक्ट्रिक बनाने वाली वाहन कंपनियों में टेस्ला सबसे आगे चल रही है लेकिन इसके अलावा इस क्षेत्र में अब बहुत से कंपनियां बहुत बड़ी निवेश करने वाले हैं। इन सभी कंपनियों को खोजना है। और आपको जो भविष्य में अच्छी खासी रिटर्न दे उसको कंपनी को खोज कर के निवेश करना है।

5. खास घटना या खास स्थिति शेयर आईडिया

खास घटना या खास  स्थिति शेयर idea चले हम इस तरीके के बारे में जानते हैं। इस तरीके का इस्तेमाल करने के लिए आपको थोड़ी analysis करनी पड़ेगी आओ थोड़ा मुश्किल भी ऐसी आपको थोड़ा समय भी देना पड़ेगा। सभी चुका इस्तमाल करने के लिए आपको अगर आप किसी कंपनी को जानते हैं और उसकी जुड़ने खबरों को देखते हैं तो आपको जैसे घटनाओं पर नजर रखने पड़ेगी। फिर जब आपको ऐसा लगे कि इस समय अगर हम निवेश करते हैं तो कंपनी आगे कंपनी को बहुत सारा फायदा होने वाला है जो कंपनी को फायदा होगा तो आपको फायदा होगा तब ऐसे मैं आपको निवेश कर देना चाहिए।

6. सर्किल ऑफ कांपीटेंस (Circle ofCompetence)/

चले अब इस तरीके के बारे में बात करते हैं।  आखिर यह तरीका कैसे काम करता है। अपने दिमाग और  का योग्यता इस्तमाल करते। जैसे कि यह तरीका इस्तमाल करने के लिए आपको सा मार्केट में अच्छी नॉलेज होनी चाहिए। तब आप अपने योगिता से अच्छा से idea निकाल कर। यह तरीका किसी भी के पास हो सकते लिए वह चाहे नया हो जाए पुराना  हो बहुत अच्छा और अपने लिए बहुत ही भरोसेमंद तरीका मान सकते हैं। जैसे चलिए हम आपको एक उदाहरण देते हैं। जैसे आप किसी भी सेक्टर  मैं काम कर रहे हो तो उस सेक्टर की कंपनियों के बारे में आप बहुत ही अच्छे तरीके से जानते होंगे कि कौन सी कंपनी अच्छी परफॉर्म कर रही है और कौन सी कंपनी भविष्य में सभी कंपनियों से अच्छी परफॉर्म करेगी। अगर आप किसी भी सेक्टर में काम करते हैं और आपको अच्छा खासा अनुभव है। तो आप उस सेक्टर में इन्वेस्ट करके अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।

यह सब किसी स्टील इंडस्ट्री में जॉब करते हैं तो आपको इतना तो पता ही होगा कि स्टील इंडस्ट्री कितनी बड़ी है और कितनी कंपनियां है इन सभी जानकारियां आप आसानी से इकट्ठा कर सकते हैं और अपने साथ काम करने वाले सर कर्मियों से बातचीत करके आप उस इंडस्ट्री के के बारे में अच्छे से जान जाएंगे तो आपको पता चल जाएगा कि भविष्य में कौन सी स्टील इंडस्ट्री आगे चलकर मार्केट को कवर करेगी और सभी कंपनियों से ज्यादा मुनाफा कम आएगी तो ऐसे में अगर आप उस कंपनी में इन्वेस्ट कर देते हैं तो आपको भी बहुत ही ज्यादा रिटर्न मिलेगा।

इसी तरह किसी आप मोटर इंडस्ट्री में अगर जॉब करते हैं तो उनसे जुड़ी सभी कंपनियों के बारे में जानते ही होंगे कि कौन-कौन सी कंपनियां हैं और कौन अच्छे परफारमेंस  करते हैं।  यह सभी जानकारियां बहुत ही आसानी से निकाल सकते हैं। अब आप देखें कि कौन सी कंपनी शेयर मार्केट में लिस्टेड है और आगे चलकर आगे चलकर अच्छी खासी पैसा कमाए। ऐसे मैं आप अपने दिमाग और योग्यता से अपनी क्षमता का यूज करके बढ़िया-बढ़िया कंपनी निकाल सकते हैं और उसमें इन्वेस्ट करके खूब सारा पैसा कमा सकते हैं।
  
ऊपर जो हमने आपको बताया इसका मतलब यह है की जहां कहीं पर भी हैं। जिस क्षेत्र मे है । वहां से भी स्टॉक आईडिया मिल सकता है। जब आपको किसी भी स्टॉक का आईडिया है तो उसे अपने कहीं एक जगह लिस्ट बना लीजिए उसी लिस्ट में शामिल कर दीजिए। और उस पर रिसर्च करके और नजर रखते रहिए। और फिर अपने शब्दों को लागू करिए अगर आपका सर तो उस पर लागू हो जाता है या फिर अगर नहीं होता है तो उस पर लगातार अपने नजर को बनाए रखिए जब आपको लगे कि अब मेरा शर्त इस पर लागू हो जा रहा है तब उसमें आप निवेश कर सकते हैं और फिर इसी तरह आपका एक अच्छा स्टॉप आइडिया बन जाएगा। इसके अलावा आप हमेशा स्टॉक की लिस्ट बनाइए और उस लिस्ट पर नजर रखिए और जब आपको लगे कि अब मेरे साथ को पूरा कर रहा है । तब आप उस में निवेश कर सकते हैं।

The Moat

ऊपर आपको इतने तरीकों के बारे में पता ही चल गया होगा। जब आप किसी स्टाफ को चुनते हैं तो ऊपर बताए गए तरीके से चुनते हैं अब उन सभी के अलावा यह एक और तरीका है।  Moat तू चली अब हम इस तरीके के बारे में जानते है। आखिर से आप कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं। जब आप किसी शेयर को अच्छे तरीके से पहचान का अपने लिस्ट में शामिल कर लेते हैं और अपने सभी शर्तों को लागू करते हैं । तो सभी शर्ते लागू होते हैं या नहीं। निवेश करने के लिए इसे चेक करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। और कोई भी स्टाफ को हर तरीके से  बहुत सावधानी से चेक करना चाहिए

जब आप अपने स्टाफ को चुनते हैं तो उसमें सभी शर्त को ऐड करते हैं और फिर उसके अलावा एक और तरीका है जिसे हम moat कहते हैं। यह तरीका बहुत महत्वपूर्ण है और इसे वारेन बफेट द्वारा रिसर्च करके मनाया गया है। और यह तरीका बहुत ही पॉपुलर भी है। और अगर आप इस तरीके का उपयोग करते हैं तो इसमें आपको बहुत कम रिक्स होता है। यह तरीका आपको यह बताता है की जैसा आप किसी भी कंपनी को चुनते हैं तो इसमें यह तरीके यह बताता है कि वह कंपनी जो अपने जैसे मुकाबले वाली कंपनीयो से कितने आगे है। और यह कब तक इसी तरह आगे चलते रहेगी। अब चलिए हम जान लेते हैं कि moat का मतलब होता क्या है? अगर जानते हैं तो ठीक है ,नहीं जानते हैं, तो जान लीजिए।

इस तरीके का उदाहरण यह है जैसे पहले कि राजा महाराजा के किले जो होते थे। उस किलो को सुरक्षित रखने के लिए किले के चारों तरफ खाई बना दिया जाता था। जिससे जब कभी भी युद्ध हो तो दुश्मन की सेना किले में न घुस आए और उसी खाई में गिर जाए। जिससे किला सुरक्षित रहे। इसी का उदाहरण देते हुए बारे में फेंकने यह कहा था कि कोई भी कंपनी हो उसे एक ऐसा moat बनाए रखना चाहिए। जिसे जो प्रोडक्ट वह कंपनी बनाते हैं अगर वही प्रोडक्ट कोई और कंपनी बनाएगी तो उनके बीच एक ऐसी खाई बनी रहे जिससे उस कंपनी से हमेशा आगे बनी रहे और उसके प्रॉफिट पर कोई प्रभाव ना पड़े।moat खाई जितनी ज्यादा बड़ी रहेगी कंपनी के लिए उतना ही बढ़िया रहेगा और उसके शेयर उतना ही पड़ेगा।

चलिए अब हम आपको एक उदाहरण देते हैं।  अब हम आपको एक ऐसी कंपनी का उदाहरण देते हैं। जिसकी मोट मुकाबला करने वाली कंपनियों से काफी ज्यादा है। उस कंपनी का नाम है आयशर मोटर्स यह कंपनी यह कंपनी कमर्शियल व्हेकिल की तरह की  गाड़ी बनाते हैं। और यह कंपनी रॉयल एनफील्ड बनाते है। यह बाइक एक ऐसी बाइक है। जो भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत ही पॉपुलर है। यह गाड़ी अपने ग्राहकों में बहुत पसंद किया जाता है और इसके ग्राहक बहुत बड़ी मात्रा में हैं। और उन्हें गाड़ी बहुत ज्यादा पसंद है। याद आई ने बहुत ही ज्यादा मनी है। और ना ही बहुत ही सस्ती है। इस बाइक के कंपनी की आगे कोई जी कंपनी नहीं टिकती। और इसके मुकाबला करने वाली कंपनियां इनके बीच moat काफी ज्यादा है। और इस बाइक कंपनी का मुकाबला करना बहुत ज्यादा मुश्किल है।

ऐसे बहुत कंपनीया है। जो की जिनके पास बहुत ही बढ़िया moat हे। जो भी कंपनी शेयर बाजार में पैसा बनाकर देती हैं उन तो पास ऐसे ही moat होते हैं। जिसे उन कंपनी में से कोई कंपटीशन में आगे नहीं जा पाता। आपको ऐसे ही कंपनियों को ढूंढना है और उसे में निवेश करना है। तो आप आगे चलकर बहुत ही ज्यादा returns मिलेगा। जैसी आप उदहारण की तौर पर ले सकते हैं। रिलायंस जीओ जो पहले बहुत वैसा उसमें invest किया और वहां से 4g टेक्नोलॉजी लेकर आया और अपने ग्राहकों को कुछ टाइम तक फ्री में यूज़ करवाया फीर उसके बाद जियो अन कंपनियों की मुकाबले उसकी मार्केट कैप आज समय में बहुत ज्यादा है। और उसे कोई कंपटीशन नहीं था पा रहा है। ऐसे ही आप  ढूंढेंगे तो आपको बहुत सारी कंपनी में जाएंगे।

जरूरी काम और सावधानियां

Share market मे  research और निवेश करने वाले हैं। उससे पहले आपको कुछ ज़रूरी काम और सावधानियां करे।

1. अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करने जा रहे हैं तो आप जिस कंपनी में निवेश करना चाहते हैं उसका बिजनेस को समझने के लिए उसके वार्षिक रिपोर्ट देखना चाहिए।
2. जो भी आप स्टाफ को चुने हैं और उसे अपने चेक लिस्ट में डाले हैं उन उन सभी स्टॉक पर अपने शर्तों को लगा कर देखना चाहिए कि कौन सी कंपनी निवेश करने योग्य है।
3. किसी भी कंपनी के बिजनेस को समझने के लिए उसके वैल्यूएशन करना चाहिए।

अगर आप कोई भी स्टॉक चलते हैं और उस स्टॉक के कंपनी के बारे में जानना चाहते हैं तो हमें उस स्टॉक का कंपनी केहर तरीके से उसको पहलू को समझना होगा। उसके हर पहलू को समझने के लिए हर तरीके का क्वेश्चन लिस्ट को तैयार करना होगा। उसके बाद उन सभी क्वेश्चन ओं का जवाब ढूंढना होगा। जैसे आप पहला क्वेश्चन यही बना सकते हैं कि आखिर जिस कंपनी में आप निवेश करना चाहते हैं, वह कंपनी करती क्या है? इस क्वेश्चन को आप गूगल पर नहीं सर्च करना है। इसका सही तरीके का जवाब कंपनी ही दे सकती है। इसके लिए आपको कंपनी की वेबसाइट पर जाना है और उसके वार्षिक रिपोर्ट में जाना है वहां पर आपको इस क्वेश्चन का आंसर मिल जाएगा। इसके अलावा और भी जानकारी है यहां पर मिल जाएगी। जैसे-जैसे आपको वहां पर कंपनी क्या करती हैं? और क्या कहना चाहते हैं? और भविष्य में कौन-कौन से कामों को करने वाले हैं इन सभी का अपडेट आपको वहां पर मिल जाएगा। जैसे मैं आपको अपनी उदाहरण देता हूं कि मैं कौन सी कंपनी में निवेश करना ज्यादा पसंद करता हूं। चलिए अब हम अपने बारे में बताते हैं जैसे कि मैं उस कंपनी में निवेश करना पसंद करता हूं। जिस कंपनी का कोई ज्यादा कंपटीशन ना हो जैसे कि जिस कंपनी में वह कार्य कर रही है उस क्षेत्र में दो-तीन कंपनी से ज्यादा कार्य ना करती हो। और इसके अलावा सरकार की उस कंपनी पर किसी भी तरीके का हाथ ना हो। ऐसी बहुत सी कंपनी का है। बस आप को ढूंढना है और अपने लिस्ट में शामिल करने वाला है  फिर उस की वार्षिक रिपोर्ट देखनी है। फिर आपको यह देखना है कि उस कंपनी के क्षेत्र में बहुत ज्यादा कंपटीशन तो नहीं है। और सरकार का कोई उस पर दबाव तो नहीं है इन सभी जानकारियां को जानने के बाद ऐसी कंपनी के स्टॉक मिलते हैं तो उसमें बहुत ही कम रिक्स है।
फिर उसके बाद अपनी शर्तों को लागू करना है। चलिए हम आपको अपने शर्ट के बारे में बताते हैं कि आखिर कौन कौन से शर्तें लागू होती है।

1.GPM( ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन)

किसी भी कंपनी का ग्रॉ प्रॉफिट मार्जिन 20% से कम नहीं होना चाहिए उससे ज्यादा रहेगा तो चलेगा। क्योंकि किसी भी कंपनी का जीएमपी ज्यादा रहने पर उस कंपनी का मुनाफा ज्यादा रहता है। और जो हमने ऊपर बताया था जीएमपी ज्यादा होने पर moat (खाई) भी बढ़ता है। जिससे उस कंपनी का कोई भी कंपटीशन नहीं कर सकता।

2. कंपनी की आमदनी में बढ़त

कंपनी प्रॉफिट देती रहनी चाहिए। कंपनी जो भी प्रॉफिट हो रही है उसी के अनुसार बढ़ते रहना चाहिए।

3. कम्पनी पर कर्ज  कितना है।

सबसे पहले आपको यह देखना है कि सबसे पहले हमें कंपनी का कर्ज देखना है कहीं कंपनी बहुत ज्यादा है कर्ज में तो नहीं है। क्योंकि हर कंपनी ज्यादा कर्ज में डूबी है तो कंपनी का कारोबार कर्ज पर ही निर्भर है। यह सभी कारण से फाइनेंसियल कास्ट ज्यादा होता जाता है। और जो भी कंपनी का प्रॉफिट होता है। वह सब कर्ज में ही चला जाता है।

4.EPS

कंपनी के ईपीएस को उस कंपनी के जितने भी नेट प्रॉफिट हो रहे हैं उसी के अनुसार बढ़ना चाहिए। कोई भी कंपनी हो अगर वह कोई इक्विटी का निर्देश दे रही है। तो यह कोई अच्छे संकेत नहीं है। जितने भी उसमें निवेश किए हुए निवेश धारक है। उनका शेयर का हिस्सा कम हो जाएगा।

5. Sales vs receivables

अगर कंपनी receivables के भरोसे अपने सेल्स बढ़ा रहे हैं तो इसका मतलब अच्छा संकेत नहीं होता है। जिसका अर्थ यह होता है। की कंपनी ज्यादा से ज्यादा बिक्री के आंकड़ों को दिखाना चाहते हैं। ऐसा करने पर निवेशक का  नुकसान होगा

6. इन्वेंटरी इसका अर्थ है कि अगर किसी कंपनी के पास बहुत सारी सब्सिडरी कंपनियां है। तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि यह कंपनी उन सभी सब्सिडियरी कंपनी से अपना पैसा निकाल रही हो। अगर आप चेक करते हैं और ऐसा कुछ बातें हैं तो इन जैसी कंपनियों में निवेश करने से बचे ।

7. रिटर्न ऑन इक्विटी

कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 25% से अधिक होना चाहिए। इससे कम नहीं होनी चाहिए। तो चलिए जान लेते हैं इससे कम होने पर क्या फर्क पड़ता है। इसके अधिक होने से निवेशक को फायदा होता है इसके साथ ही कंपनी के कर्ज के बारे में भी जरूर जांच करें।

8.ऑपरेशन कैश फ्लो

कंपनी का ऑपरेशन  कैश फ्लो पॉजिटिव में होना चाहिए। कंपनी जो भी अपने कारोबार से पैसा को कमा रही है वह कैस अगर कंपनी के पास नहीं आ पा रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि कंपनी पर कोई दबाव है।

9.कारोबार में विविधता

इसका मतलब यह है कि कंपनी की जो बिजनेस है वह सिर्फ एक या दो होनी चाहिए इससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ऐसी कंपनी है जिनके पास दो से अधिक बिजनेस हैं उन कंपनियों से अच्छा है कि जो कंपनियां एक या दो प्रकार की बिजनेस करते हैं । ये कंपनियां उस कंपनी से कहीं ज्यादा बेहतर होती हैं।

10. सब्सिडियरी

किसी भी कंपनी का सब्सिडियरी कम होनी चाहिए। इसका अर्थ है कि अगर किसी भी कंपनी का कई सब्सिडियरी कंपनियां है। तो कंपनी ऐसा भी कर सकती है वह अपने दूसरे सब्सिडरी कंपनियां से पैसा निकाल रही हो अगर ऐसा कोई कंपनी कर रहे हैं तो उसमें निवेश करने से बचे या फिर ना करें।

11. अब अगर आप जिस कंपनी के स्टाफ को चुने हो तो इन सभी शर्तों को पूरा करती है तो अब आप उसके कीमत को देखें। अगर आपको ऐसा लगता है कि उसकी कीमत ठीक नहीं है तो इसका मतलब है कि उसे खरीदने का कोई मतलब नहीं है। अब आप अगर यह जानना चाहते हैं कि किसी कंपनी का कीमत कैसे पता करें कि वह सही है या नहीं इसके लिए मैं आपको एक और आर्टिकल में बताऊंगा जिसका लिंक मैं नीचे दे दूंगा। या फिर आप इसी वेबसाइट पर दूसरी आर्टिकल आपको मिल जाएगी।

अब आगे की जानकारियां आपको आने वाले आर्टिकल में मिलेगी इसे अच्छे से पढ़ने के बाद वह आर्टिकल में पड़े जिससे आप निवेश करने में अच्छे बन सके और हर निवेश निवेश में अच्छी प्रॉफिट निकाल सके। आगे हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि इक्विटी रिसर्च कैसे करें?

अंतिम राय

इस आर्टिकल में आपको मैं निवेश करने का सही तरीका बता दिया हूं और जितना मैं जानता था उन सभी तरीकों का यहां पर विस्तार से लिखा हूं अगर आप विस्तार से अध्ययन करते हैं तो मैं आशा करता हूं आपको अच्छे से समझ में आई होगी और इससे आपको निवेश करने में बहुत ही ज्यादा मदद मिलेगी। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आई हो तो कमेंट करके जरूर बताइएगा और इसे अपने दोस्तों के साथ या फिर अपने जानने वाले के साथ जो भी निवेश करना चाहते हैं उनके साथ शेयर करिएगा और अगर आप कमेंट करते हैं तो हमें बहुत सी खुशी मिलेगी और हम आपके लिए इसी तरीके का आर्टिकल और भी लेकर आएंगे जिससे आपको निवेश करने में आसानी होगी और आपको ढेर सारी अनुभव मिलेगी किसी भी स्टॉक को सुनने में आपकी सहायता करेगी।

तो चलिए जानते हैं। इस आर्टिकल के मुख्य बातें

1. आपको स्टॉक आईडिया कहीं से भी मिल सकता है।

और इसके अलावा आप अपने दिमाग और अपनी योग्यता वही यूज़ करके अच्छी stock आईडिया निकाल सकते हैं।

2. जितने भी stock को पसंद करते हैं या फिर चुनना चाहते हैं। उसके लिए आप एक लिस्ट बनाइए।

3. अब आपको यह देखना है कि जो भी स्टॉक अपने लिस्ट में शामिल किए हैं। तो उसमे देखे की कौन से स्टॉक पर moat  अधिक है।

4. तो इन सभी के बाद आता है। उस कंपनी के जांचने की प्रक्रिया अब इसमें आपको यह करना है कि कंपनी क्या करती है और जो भी शर्त आप रखते हैं वह पूरा करती है या नहीं यह सभी देखने के बाद फिर आप यह चेक करते हैं कि कंपनी का पिछला परफॉर्मेंस कैसा है और इसकी वैल्यूएशन कैसी है।

5. जब हम किसी कंपनी के बिजनेस के बारे में जानने की कोशिश करते हैं तो हमें उस कंपनी के हर तरीके से और हर हिस्से को अच्छी तरीके से चेक करना चाहिए।

6. अब आपको इतना सभी जानकारियां जानने के बाद और इसका इस्तेमाल करने के बाद आपको अनुभव होता है तो इसमें आप और अच्छी तरीके से सुधार करिए। और अपना शर्तों को और अच्छी बनाई है।

7. अगर आपको किसी भी कंपनी का वैल्यूएशन चेक करना चाहते हैं तो आप यह तरीका सबसे अच्छा माना जाता है। जिसका नाम है।DCF

तो दोस्तों अब मैं आपको सभी प्रकार की जानकारियां दे दिया हूं और जो भी बची है अब मैं अगले आर्टिकल में बताऊंगा। उस पर अच्छी तरीके से रिसर्च करूंगा फिर आपके सामने पेश करूंगा अगर आप और भी जानना चाहते हैं तो कमेंट में जरूर बताइएगा। उम्मीद करता हूं आपको यह सभी जानकारियां पसंद आई होगी और आपके लिए कारगर साबित होगी। धन्यवाद!

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